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Showing posts from August, 2023

वे मासूम आंखें

एक नौ वर्ष का लड़का सब्जी के ठेले पर आया। वह बहुत ही गोरा था लेकिन गरीबी ने उसके चेहरे पर मैल बिठा रखा था। वह सब्जी के ठेले पर आकर कुछ देर के लिए खड़ा हो गया और कुछ कह नहीं रहा था। सब्जी वाले ने पूछा, क्या चाहिए? वह अपनी आंखों को छिपाकर, और बड़ी करूणा से बोला। एक पाव भिंडी चाहिए, इतना कहकर वह इधर उधर देखने लगा। अच्छा, गरीब परिवारों में जब भी कोई सदस्यों अपने बच्चे को कुछ सब्जी या दूसरे वस्तु खरीदने के लिए बाजार भेजते हैं तो उसका मूल्य उन्हें पहले से पता होता है इसलिए उन वस्तुओं का उतना ही मूल्य पहले से देकर बाजार भेजते हैं और यदि मूल्यों में तनिक भी वृद्धि होती है तो उन पर महंगाई का पहाड़ टूट पड़ता है। उस बच्चे को पहले से ही यह पता था कि भिंडी 10 रूपये पाव हैं। जब दुकानदार ने उससे कहा कि लाओ 10 रूपये दो। तो वह मूल्य जानते हुए भी भौंचक्का रह गया। उसने कहा मेरे पास केवल 8 रूपये हैं, दो रूपये मैं कल लाकर दे दूंगा। सब्जीवाले ने सब्जी देने से मना कर दिया और उसने पूछा जाओ दो रूपया और लेकर आओ। वह लड़का रूआंसा सा हो गया, उसके शरीर में कम्पन आ गयी। उसने मैं तो पूरा 10 रूपया लेकर आया था लेकिन 2 ...

मेरा दुश्मन

तनिक देखो उसको, कैसे धूर्त जैसा खड़ा है, जैसे इसने ठान लिया है कि मुझे बर्बाद करके छोड़ेगा। ज़िन्दगी को इसने एक मजाक बनाकर रख दिया है, मैं जब उससे गम्भीरता की बात करता हूं और जीवन में घटने वाली प्रत्येक घटना को गम्भीरता से लेने की वकालत करता हूं तो वह मेरी गम्भीरता को एक पाषाण से करता है और कहता है, तुम मनुष्य हो; जीवन के हर पल को प्रसन्नता से जीओ, उत्साह और जोश भरों। ज़िन्दगी में गम्भीर होना जैसा कुछ भी नहीं है, तुम गम्भीर हुए और जीवन हाथ से फिसला। इसपर भी, मैं उसके तर्कों से सहमत नहीं हूं। मैं जब कभी भी एक या दो पल प्रसन्नता के बिताता हूं, तो वह संसार की चिंताएं, अवसाद लाकर मेरे ऊपर पटक देता हैं। कल मैंने उससे कहा,' तू मेरा गुलाम है और मैं तेरा स्वामी हूं, तुझे मेरी हर बात माननी होगी।' उसने मुझपर व्यंगपूर्ण रवैये से हंस दिया और मेरा मजाक भी मनाया और मुझे चुनौती दे डाला कि मुझसे कुछ करा के दिखाओ। मैंने भी उसकी यह चुनौती स्वीकार कर ली और 30 घंटों तक लगातार जगाए रखा और नींद की एक झपकी भी नहीं लेने दीं, तब जाके इसकी कमर में कुछ लचक आई। परंतु दूसरे ही पल वह फिर लहलहाकर खड़ा हो गया...