आइए कैलोरी को समझें - शरीर में कैलोरी।
हम जो कुछ भी खाते और पीते हैं - उससे शरीर को ऊर्जा प्राप्त होती है और इस ऊर्जा को हम कैलोरीज़ में नापते और उच्चारण करते हैं। एक स्वस्थ शरीर पाने के लिए, यह ध्यातव्य होना चाहिए कि कैलोरी किन स्रोतों से प्राप्त हो रही है। एक सामान्य मनुष्य कि रोज की ऊर्जा ज़रूरत 2000 कैलोरीज़ होती है और यदि आपको वजन बढ़ाना है तो इस सीमा से अधिक कैलोरीज़ खायें और घटाना है तो कैलोरी की इस सीमा से कम खाएं। एक किलोग्राम वजन 7700 कैलोरीज़ के बराबर होती है और शरीर का एक किलो वजन गिराने के लिए 7700 कैलोरीज़ शरीर से बर्न करना होगा।
हमारे द्वारा उपभोग की गई खाद्य पदार्थों में तीन मुख्य घटक - कार्बोहाइड्रेट, वसा और प्रोटीन होते हैं। जो सामान्यतः अनाज, डेयरी प्रोडक्ट्स, मांस और कुछ अलग प्रकार की सब्जियों व फलों को खाने से प्राप्त होती है। कार्बोहाइड्रेट हमारे ऊर्जा का मुख्य स्रोत होता है और इसमें शर्करा, यीस्ट और स्टार्च तीन अवयव जुड़े होते हैं। शर्करा - फ्रक्टोस, सुक्रोज आदि रूप में हम अलग अलग स्रोतों से प्राप्त करते हैं। यह कार्बोहाइड्रेट भी दो प्रकार का होता है, पहला - सिम्पल कार्बोहाइड्रेट (जिसका पाचन शरीर में तेजी से होता है और भूख का अहसास जल्दी हो; सफेद चावल, आलू जैसे खाद्य पदार्थों में पाया जाता है) और दूसरा - काम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट ( जिसका पाचन शरीर में देरी से होता है; गेहूं, शकरकंद आदि में पाया जाता है)। एक अच्छी डाइट में काम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट को शामिल किया जाना चाहिए। { 1 ग्राम कार्बोहाइड्रेट= 4 कैलोरी} ।। शरीर में ऊर्जा, मांस और चर्बी देने का काम वसा करता है और शरीर में इसकी मात्रा एक सीमा में होनी चाहिए। खाद्य पदार्थों से जो फैट या वसा प्राप्त होती है, उसे सामान्यतः हेल्थी फैट और नान-हेल्थी फैट में बाटा जा सकता है। हेल्थी फैट में मोनो अनसैचुरेटेड, पाली अनसैचुरेटेड , ओमेगा-थ्री फैटी एसिड, ओमेगा-सिक्स फैटी एसिड आदि होता है जो घी, अखरोट, बादाम, सीड्स, मछली आदि का सेवन करने से प्राप्त होता है। इनके सेवन से मस्तिष्क को ऊर्जा और मेमोरी अच्छी अवस्था में रहती हैं। नान-हेल्थी फैट, शरीर को गम्भीर बिमारियों की तरफ ले जाती है जिसमें स्थायी बीमारियां, कार्डियोवस्कुलर बीमारियां, ह्रदय रोग, हर्ट अटैक आदि है। यह फैट खाने में सैचुरेटेड फैट, अनसैचुरेटेड फैट, ट्रांस फैट से प्राप्त होता है जिसका मुख्य स्त्रोत तेल, पाम ऑयल और कोई भी पैकेट पैक बिस्कुट या नमकीन हो सकता है। अच्छे डाइट में यह फैट नहीं शामिल किया जाना चाहिए। { 1 ग्राम फैट = 9 कैलोरीज़}
प्रोटीन को सभी खाद्य पदार्थों में राजा का दर्जा प्राप्त होना चाहिए। राइबोसोम (70S, 80S) में इसका निर्माण होता है जो कि 20 अमीनो एसिड्स का जुड़ाव होता है; इसमें 10 आवश्यक और 10 अनावश्यक अमीनो एसिड होते हैं। आवश्यक अमीनो एसिड को हमें भोजन के द्वारा खाना होता है। प्रोटीन शरीर के लिए अतिआवश्यक है - यह कोशिकाओं के पुनर्संरचना, टूटने और बनने में सहायता करता है जिससे शरीर में मसल का निर्माण होता है। सभी प्रकार के खाद्य पदार्थों में प्रोटीन की उपस्थिति पर ध्यान देना चाहिए। एक व्यक्ति को उतने ग्राम प्रोटीन खाने की सलाह दी जाती है जितने किलोग्राम उसका वजन है। ( 60 किलोग्राम के व्यक्ति के लिज 60 ग्राम प्रोटीन ) और वर्कआउट, रनिंग करते समय यह सीमा दोगुना भी हो सकती है। प्रोटीन के स्रोतों को तीन मुख्य घटक में बाप सकते हैं। प्रथम घटक में पाये जाने वाले प्रोटीन के स्रोत उत्तम किस्म के होते हैं जैसे - मांस, चिकन, मछली, अंडा आदि। दूसरे घटक में डेयरी प्रोडक्ट्स और तीसरे घटक में पौधे से प्राप्त खाद्य पदार्थ - दलहन, सब्जी आदि। {1 ग्राम प्रोटीन= 4 कैलोरीज़}।
शरीर में विटामिन ( A, B, C, D, E, K) की कमी शरीर को बीमारियों की तरफ ले जाती है। विटामिन शरीर को रोग-प्रतिरोधक क्षमता देते हैं, जिससे अनचाहे बीमारियों से शरीर को लडने हेतु ऊर्जा व कवच प्राप्त होती है। विटामिन स्वंय में अधिक संख्या में खनिज पदार्थों ( माइक्रोन्यूट्रींस, मैक्रो न्यूट्रींस) जैसे - आयरन, पोटेशियम, कैल्शियम, मैग्नीशियम आदि को धारण करते हैं जो शरीर को अंदर व बाहर से मजबूत बनाते हैं। हम प्रत्येक विटामिन की चर्चा आगे आने वाले लेखों में विस्तार से करेंगे। विटामिन के विभिन्न स्रोतों को अलग अलग प्रकार के फलों और सब्जियों में देखी जा सकती है। विटामिन का सेवन शरीर को एंटी-एजिंग में मदद करता है और दीर्घायु भी देता है। भोजन में अधिक मात्रा में सब्जियां व फल के अलग अलग प्रकार शामिल किया जाना चाहिए। जापान के ओकिनावा आइलैंड पर लोगों का औसत आयु 100 वर्ष है और उनके भोजन में सब्जी और फलों का अनुपात 70 फीसदी से अधिक है। इनमें कैलोरी कम होती है, किसी भी 100 ग्राम के सब्जी में 20 कैलोरीज़ तक हो सकती है और फलों में 50 कैलोरीज़।
इस प्रकार, भोजन में कैलोरी की गणना करना जरूरी है जिसका अधिक लाभ वजन घटाने और बैलेंस बनाये रखने में जरुरी होता है। भरपेट खाने का अर्थ है कि आप या तो कैलोरी ज्यादा खा रहे हैं या बहुत कम कैलोरी; जैसे- ढेर सारा फास्ट फुड खाना या ढेर सारा खीरा व टमाटर खाना। और भरपेट ना खाने का अर्थ यह भी है कि - आप ज्यादा कैलोरी खा रहे हैं या कम कैलोरी; जैसे - 4 रसगुल्ला या दो चिप्स खा लेना या एक खीरा खाना। अगले लेख में, हम अच्छी कैलोरी और खराब कैलोरी के स्रोतों पर चर्चा करेंगे।
[Sources are based on health magazines, websites, documentaries and various types of newspaper articles and comments]
अरविंद कुमार।
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